प्रभु के पर्व: परमेश्वर का खास समय - God's Appointed Time Divine Calendar - लैव्यव्यवस्था 23 - 7 पर्व परमेश्वर का कैलेंडर - Moedim - God's Timing Is Perfect
प्रभु के पर्व: परमेश्वर का खास समय
मुख्य पद: लैव्यव्यवस्था 23:2 में परमेश्वर कहता है, "इस्राएलियों से कहो, ये मेरे पर्व हैं जिन्हें तुम पवित्र सभा में मनाओगे।"
परिचय: परमेश्वर ने समय को यूँ ही नहीं बनाया। उत्पत्ति 1:14 में लिखा है कि सूरज, चाँद और तारे "चिह्न" और "ऋतुओं" के लिए हैं। इब्रानी भाषा में इसके लिए शब्द है मोएद, जिसका मतलब है "तय किया हुआ समय" या "पर्व"। यानी परमेश्वर के हर पर्व के पीछे उसकी एक योजना छुपी है। इस लेख में हम देखेंगे कि ये पर्व यीशु मसीह और पवित्र आत्मा में कैसे पूरे हुए।
प्रभु के पर्व: परमेश्वर का खास समय - Leviticus 23:4 - ये परमेश्वर के नियुक्त पर्व हैं, पवित्र सभाओं के समय जिन्हें तुम नियत समय पर मनाना - God's Appointed Time Divine Calendar - Moedim - परमेश्वर का समय सिद्ध है - प्रभु पर भरोसा रखो - उनका समय सबसे सुंदर है - Ecclesiastes 3:11 - He makes all things beautiful in His time - 7 पर्व परमेश्वर की घड़ी - वसंत के 4 पर्व पूरे हुए - पास्का मुक्ति, अखमीरी पवित्रता, पहली फसल प्रथमफल, सप्ताहों/पेंटेकॉस्ट आत्मा - शरद के 3 पर्व - तुरही जागृति, प्रायश्चित पाप क्षमा, झोपड़ियों परमेश्वर के साथ उपस्थिति।
1. फसह (पेसाख): मेम्ने का लहू
मिस्र में गुलामी से छुटकारे की रात, परमेश्वर ने इस्राएलियों से कहा कि वे मेम्ने का लहू अपने घर की चौखट पर लगाएँ (निर्गमन 12:7-9)। जिन घरों पर लहू था, उन्हें मौत से बचाया गया। 1 कुरिन्थियों 15:20 में पौलुस लिखता है कि यीशु मरे हुओं में से जी उठा है, और वह उन सब का पहला फल है जो मसीह में सो गए हैं। यीशु ही वह सच्चा मेम्ना है जिसके लहू से हमारा छुटकारा होता है।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम्हारे घर पर यीशु के लहू की छाया है? उसका छुटकारा हर घर के लिए है।
2. पेंतेकुस्त (शावूत): पवित्र आत्मा का उतरना
प्रेरितों 2:1-3 में, यहूदी फसल के पहले फल का पर्व मना रहे थे। उसी दिन पवित्र आत्मा प्रेरितों पर उतरा। प्रेरितों 2:41 के अनुसार उस दिन लगभग 3000 लोगों ने यीशु पर विश्वास किया और बपतिस्मा लिया। यह आत्मा की पहली बड़ी फसल थी।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम्हारा घर पवित्र आत्मा के लिए खुला है? अपने परिवार और पड़ोस के लोगों के लिए प्रार्थना करो।
3. रोश हाशाना (तुरही का पर्व): अंतिम तुरही
1 कुरिन्थियों 15:52 में लिखा है, "अंतिम तुरही फूँकी जाएगी।" जैसे तुरही से लोगों को तैयार होने का संदेश दिया जाता था, वैसे ही यह मसीह के लौटने और विश्वासियों के उठा लिए जाने की ओर इशारा करता है। यह हमें जागते रहने की याद दिलाता है।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम्हारे घर के सब लोग प्रभु के लौटने के लिए तैयार हैं?
4. योम किप्पुर (प्रायश्चित का दिन): महायाजक का काम
पुराने समय में साल में एक बार महायाजक पवित्र स्थान में जाकर लोगों के पापों के लिए बलिदान चढ़ाता था। इब्रानियों 9:11-12 बताता है कि यीशु वह महायाजक है जो अपने ही लहू के साथ एक बार और सदा के लिए पवित्र स्थान में गया। अब हमें बार-बार बलिदान देने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि यीशु ने हमारे लिए एक बार ही काफी कर दिया।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम अपने पाप यीशु के सामने ला चुके हो? उसके बलिदान पर भरोसा रखो।
5. सुक्कोत (झोपड़ियों का पर्व): परमेश्वर हमारे बीच रहता है
सुक्कोत में इस्राएली जंगल में बिताए दिनों को याद करते हुए अस्थायी झोपड़ियों में रहते थे। यह याद दिलाता था कि परमेश्वर उनके बीच डेरा डाले रहता था। 2 कुरिन्थियों 6:16 में लिखा है, "मैं उनमें बसूँगा और उनमें चलूँगा।" आज हर विश्वासी परमेश्वर का मंदिर है, क्योंकि उसका आत्मा हमारे भीतर रहता है।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम्हारे घर में परमेश्वर की उपस्थिति महसूस होती है? उसे अपने घर का केंद्र बनाओ।
इन पर्वों से 3 काम
- यीशु को अपना फसह का मेम्ना मानकर अपने जीवन में स्वीकार करो।
- पवित्र आत्मा के लिए हर दिन अपना मन खुला रखो।
- हर दिन अपने पापों को प्रभु के सामने ईमानदारी से रखो, ताकि उसके लौटने के दिन तुम तैयार रहो।
प्रार्थना: हे पिता, तूने अपने पर्वों के ज़रिए हमें अपनी योजना दिखाई। हमारे घर को यीशु के लहू से ढक दे, पवित्र आत्मा से भर दे, और हमें अपने लौटने के दिन के लिए तैयार रख। यीशु के नाम में, आमीन।
घोषणा: यीशु फसह का मेम्ना है, पहला फल है, महायाजक है, और वही हमारे बीच रहने वाला परमेश्वर है। हर पर्व उसी की ओर इशारा करता है।
आज का कार्य: आज परिवार के साथ बैठो, इनमें से कोई एक पर्व चुनो, उसका वचन पढ़ो, और बात करो कि यीशु में वह कैसे पूरा हुआ।
शालोम,
- P. R. Jharbade

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